Thursday, October 4, 2012

बात मल्टीपल पार्टनर्स की

'बर्फी' फिल्म समाप्त होने पर जब हम लोग सिनेमा हाल से निकले मेरे मन में यही प्रश्न था। आखिर बर्फी ने श्रुति को क्यों नहीं अपनाया? उसने झिलमिल से शादी क्यूँ रचाई। माना कि पहले श्रुति बर्फी के प्रेम को अपनाने की हिम्मत नहीं जुटा पायी। क्योंकि वह एक भावुक लड़की थी और बर्फी जैसे गूंगे और बहरे के लिए हमदर्दी भी थी लेकिन पारिवारिक, सामाजिक दबाबों तथा चालाक कुतर्को के आगे उसकी एक न चली। हर कोई अपने लिए बेहतर और खुशहाल जीवन की कामना करता जो वास्तव में कई बार भावनाओं पर काबू रखकर फैसले करने पर बाध्य कर देता है। देर से सही उसने बर्फी की ज़िन्दगी में वापस लौटने का निर्णय तो लिया परन्तु तब तक देर हो चुकी थी और बर्फी को झिलमिल से प्रेम हो जाता है। बर्फी को यह ध्यान क्यों नहीं आता कि श्रुति अपना बसा बसाया घर और संसार छोड़कर उसके पास आई थी? श्रुति सुन्दर है, ज्यादा शिक्षित और शारीरिक तथा मानसिक रूप से अधिक सक्षम भी। शायद, वह इस बात को कभी नहीं भुला पाता है कि वह एक बार उसे छोड़कर जा चुकी थी। उसे झिलमिल अधिक भरोसेमंद लगती है। 

अगर मैं बर्फी होता तो दोनों को अपना लेता। आखिरकार मर्द दो या दो से अधिक पत्नियां रखते आये हैं। मेरे मित्र ने प्रश्न दागा। "अगर तुम्हारी पत्नी भी दो पति रखे तो तुम उसे स्वीकार कर पाओगे?" मेरे मित्र भी दो पत्नियां रखने का विचार मेरे समक्ष कई बार प्रकट कर चुके हैं। चूँकि उस समय उनकी मंगेतर उनके साथ थीं, शायद 'इम्प्रेशन' बनाने के लिए उन्होंने ऐसा किया हो। वैसे जब आपके पास दो विकल्प हों और दोनों ही उम्दा हों तो निर्णय कर पाना सरल नहीं होता है। मैंने कहा "मर्द दो बीवियां रखते आये हैं। और मुझे अपनी बीवी शेयर करने का ख्याल भी नागवार है।" वैसे बीवियां शेयर करना यकीन मानिए न तो सामाजिक है (कुछ अपवादों- महाभारत की द्रौपदी-पांडव तथा कुछ जनजातियों में प्रचलित प्रथाओं, को छोड़कर) न ही प्राकृतिक। मनुष्य को छोड़कर अन्य प्राणियों में एक से अधिक 'साथी' रखना आम बात है। कई जानवरों में स्वछन्द रूप से सम्भोग का आनंद लिया जाता है। 'थ्रीसम सेक्स' अमूमन प्रत्येक नस्ल में देखने को मिलता है। 

प्रश्न यह है कि आखिर एक मादा अनेक नरों से सम्भोग क्यों करती है जबकि उसे संतानोपत्ति किसी एक नर से ही होनी है? एक अध्ययन के अनुसार ग्रे माउस लीमर्सएक प्रकार के बन्दर, में मादाएं विभिन्न नरों से संपर्क करती हैं और उनमें सबसे अच्छी किस्म के शुक्राणु व जींस वाले नरों की पहचान करने की क्षमता होने के कारण उन्हीं से गर्भवती होती हैं। 'साईन्स' में प्रकाशित एक अन्य अध्ययन के अनुसार अनेक नरों से सम्भोग यानी बहुपतित्व मादाओं को स्वार्थी जींस को संतानों में ले जाने से रोकने में सहायक होता है। मधुमक्खी रानी व दीमक रानी के बारे हम सब जानते ही हैं। उसी प्रकार शेरों में ताकतवर राजा नर अनेक शेरनियों से सम्भोग करता है ताकि उसी की नस्ल आगे बढ़े। 

कुछ चिम्पैंजी बंदरों में 'रेव' पार्टी आयोजित होती है जहाँ प्रत्येक नर और मादा को एक दूसरे से और सामूहिक रूप से सम्भोग करने की छूट होती है। इस प्रकार उनमें सामाजिक तनाव कम करने में मदद मिलती है। टोपी हिरणों में तो मादाएं स्मार्ट और सुन्दर नरों का मरते दम तक पीछा करती हैं। यहाँ तक कि उन्हें कई बार सम्भोग के लिए मना करना पड़ता है। कुछ मादा गौरैयों में विवाहेत्तर संबंध रखने की होड़ सी होती है। 

कुछ प्रजातियों में मादाओं का शासन चलता है तो कहीं नरों का ही आधिपत्य होता है। मनुष्यों में भी औरतें स्मार्ट, सुन्दर, बुद्धजीवी और धनवान मर्दों के पीछे पागल रहती हैं। अगर कोई यशस्वी या विख्यात पुरुष हो तो औरतों को फिर न उम्र से फर्क पड़ता है न सूरत से। कभी-कभी यह अंतर पचास साल से भी अधिक का होता है। परन्तु अधिकाँश स्त्रियाँ अपने पति को शेयर करना पसंद नहीं करतीं हैं। आखिर एक ही छत के नीचे दो समझदार स्त्रियाँ क्यों नहीं रह सकतीं?