Thursday, September 24, 2009

आदमी और कुत्ता

मेरी गली में चार पांच कुत्ते रहते हैं जिन्हें मैं रोज़ बिस्किट खिलाता हूँ. और लोग भी खिलाते हैं लेकिन मैं जितना खिलाता हूँ वो हमेशा खाने को तैयार बैठे रहते हैं. गोया उनका पेट कभी भरता ही ना हो. सब आपस में इस बात की प्रतियोगिता करते हैं कि कौन सबसे ज्यादा दुम हिला सकता है. एक कुत्ते को मैंने देखा है. वो बाकी कुत्तों पर धौंस जमाने की कोशिश करता है और मुझे यह जताने की कोशिश करता है कि वो सबसे ज्यादा वफादार है. ताकि वो सबसे ज्यादा दुम हिलाने का श्रेय पा सके और सबसे ज्यादा बिस्किट खा सके. कुछ दिन मैंने बिस्किट खिलाना बंद करके भी देखा. उन्होंने मेरी ओर देखना भी बंद कर दिया. शायद उन्हें लगा हो कि मैं अब किसी काम का नहीं रहा.

अजीब बात है कि कुत्तों में भी इंसानी आदतें पनप रही है.

3 comments:

  1. अजीब बात है कि कुत्तों में भी इंसानी आदतें पनप रही है.
    bat pasand aayi...

    sahi bat hai, jo kam ka nahi, use doodha me se makkhi jaise nikal diya jata hai....

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  2. yuou power of observation is great

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