जेल जाना हर किसी के लिए बेहद जरूरी है. मेरे ख्याल में यह हज जाने या गंगा नहाने से कम नहीं. अगर मन की शांति चाहिए तो जेल जाओ. कामचोरी करके मुफ्त खाना है तो जेल जाओ. यहाँ विभिन्न पेशे से आये लोगों का महासंगम होता है. फिल्म अभिनेता, नेता, व्यवसायी वर्ग, चोर उचक्के सभी. जहां साम्यवाद और समाजवाद का अनोखा उदाहरण मिलता है. जहां दुनिया के मायावी इंद्रजाल से दूर आत्ममंथन और चिंतन का संयोग होता है. और इसमें शर्म की भी क्या बात है? महान लोगों ने जेल को ही अपना कर्मभूमि बनाया था. गांधी, मंडेला, अंग सां सू की, हर्षद मेहता, सलमान खान, जयप्रकाश नारायण कौन नहीं गया जेल? बंधू, महान होना है तो जेल जाओ.
खुद सोचो. अगर नेहरु जेल नहीं जाते तो क्या भारत को समझ पाते? इतनी साड़ी किताबें उन्होंने जेल में रहकर ही तो लिखी? वरुण गाँधी को भी ज्ञान का प्रकाश जेल में मिला. मेरी मानिए आप एक बार जेल हो ही आईये.
Hope
8 years ago

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