बस और ट्रेन के धक्कों से
सीधी हो जाती है कमर
सारा दिन धुल और धुंए से
पेट जाता है भर
और जो रहा सहा होता है
वो सब भूल जाता है पीकर
That’s Mumbai
The city I hate to love.
Hope
8 years ago
हर शहर की एक धुन यानी रिदम होती है. और इस शहर में रहने वाले हर शख्स को उस धुन पर चलना होता है. अगर मुंबई के रिदम की तुलना लहरों से की जाए तो यह समुंदर की लहरों की तरह हमेशा तेज़ गति से बहती रहती है जहाँ ठहराव के लिए कोई जगह नहीं. मैं इस प्लेटफोर्म से मुंबई और उसके लोगों के बारें में बात करूंगा.
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