अभी हाल ही में जहाँगीर आर्ट गैलरी गया था. और जब भी जाता हूँ सिर्फ दंग होकर लौटता हूँ. कितना हूनर है लोगों में. कितनी अगाध समर्पण की भावना से लोग काम करते हैं. कितने लोग वक़्त निकलकर जा पाते हैं वहाँ? मैंने देखा नाना प्रकार के लोग वहाँ थे- अनपढ़ भी थे और अँगरेज़ भी. बहुत कुछ तो मेरे पल्ले नहीं पड़ा मगर जो भी था प्रसंशनीय था. सच, सिर्फ पैसा कमा लेना ही सफलता नहीं होती. सिर्फ 'एक्साम' पास कर लेने से हम शिक्षित नहीं हो जाते.
मैं कभी- कभी बहुत निराश हो जाता हूँ जब देखता हूँ कि लोग कितने अज्ञ और अनभिग्य हैं और उन्हें कोई अफ़सोस भी नहीं. वो संतुष्ट हैं अपनी ९-८ नौकरी से. उन्हें कुछ जानने की न तो कोई इच्छा है न चाह. उन्हें क्या कि टगोर ने गीतांजलि में क्या लिखा, विवेकानंद क्या शिक्षा देकर गए, आइंस्टाइन ने भारत के बारे में क्या कहा है? कबीर क्या समझा गए. निखिल बनर्जी कौन हैं और उस्ताद अकबर अली खान कौन थे? NCPA में कौन सा शो चल रहा है? देश के अंदरूनी हिस्सों में क्या हो रहा है?
उनसे पूछो राखी सावंत का शो कब है? हिमेश रेशमिया का नया हिट गीत क्या है. सलमान, कैटरिना से किस बात पर नाराज़ हैं या सैफ अली खान की नई गर्ल- फ्रेंड कौन है, सब बता देंगें.
अब आप किसको दोष देंगें?
Hope
8 years ago

अपनी अपनी प्राथमिकतायें ओर जीवन शैली है सबकी! अफसोस न करें.
ReplyDeleteAapki baat sochne ko majboor karti hai.
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